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भगवंत सिंह मान सरकार ने सिख विरासत और पवित्र स्थलों के संरक्षण में उठाए ऐतिहासिक कदम

पंजाब की मौजूदा सरकार सिख धर्म की भावनाओं, परंपराओं और विरासत के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभा रही है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी ने सिख पंथ की पुरानी मांगों को पूरा करते हुए कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। सरकार ने सिख पंथ के तीन महत्वपूर्ण तख़्तों से जुड़े शहरों—श्री अकाल तख़्त साहिब (अमृतसर), तख़्त श्री केसगढ़ साहिब (श्री आनंदपुर साहिब) और तख़्त श्री दमदमा साहिब (तलवंडी साबो)—को आधिकारिक रूप से ‘पवित्र शहर’ घोषित किया। इन शहरों में शराब, तंबाकू, मांस और नशीले पदार्थों की बिक्री व उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लागू किया गया है। यह कदम दशकों से चली आ रही सिख संगत की मांग को पूरा करता है।

श्री गुरु तेग़ बहादुर जी की 350वीं शहीदी वर्षगांठ के अवसर पर सरकार ने उनके चरण-स्पर्श वाले गांवों और कस्बों को प्रति इकाई 50 लाख रुपये की विशेष ग्रांट प्रदान की, जो कुल 71 करोड़ रुपये बनती है। इस पहल का उद्देश्य शहीदी की परंपरा को जीवित रखना और आने वाली पीढ़ियों तक इसका संदेश पहुंचाना है। सरकार ने बड़े स्तर पर धार्मिक समागम और आयोजन भी कराए। श्री आनंदपुर साहिब में 23 से 29 नवंबर तक कीर्तन दरबार, सर्व धर्म सम्मेलन, नगर कीर्तन, ड्रोन शो, गत्तका और लाइट एंड साउंड शो का आयोजन किया गया। इसके अलावा 20 करोड़ रुपये की लागत से भाई जैता जी (बाबा जीवन सिंह) की स्मारक का निर्माण किया गया और श्री गुरु तेग़ बहादुर जी के नाम पर विश्वविद्यालय बनाने की घोषणा भी की गई।

भगवंत सिंह मान सरकार ने हेरिटेज संरक्षण और धार्मिक पर्यटन के विकास पर भी ध्यान केंद्रित किया। आनंदपुर साहिब में हेरिटेज स्ट्रीट का निर्माण, जहाज़ हवेली की मरम्मत और अन्य ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण के लिए विशेष बजट प्रदान किया गया। इसके परिणामस्वरूप धार्मिक पर्यटन में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। धार्मिक आयोजनों के प्रबंधन में भी सरकार ने ठोस कदम उठाए। श्री फतेहगढ़ साहिब में शहीदी सभा के आयोजनों का सुव्यवस्थित प्रबंधन किया गया और लाखों श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा, यातायात और सुविधा का इंतजाम किया गया। सिख समुदाय के सम्मान और अधिकारों के लिए भगवंत सिंह मान सरकार ने केवल राज्य तक ही सीमित न रहते हुए केंद्र सरकार के समक्ष भी अपने सुझाव और मांगें रखीं। इस कदम ने सिख संगत में विश्वास बढ़ाया कि राज्य सरकार हर मंच पर उनके सम्मान और विरासत की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

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