ध्वस्त कानून व्यवस्था के खिलाफ कांग्रेस का विरोध मार्च, पुलिस अधीक्षक से इस्तीफे की मांग

रिपोर्ट: सुमित सिंह
चंदौली, उत्तर प्रदेश
चंदौली ज़िला मुख्यालय पर बुधवार को ज़िला कांग्रेस कमेटी चंदौली एवं शहर कांग्रेस कमेटी मुगलसराय के संयुक्त तत्वावधान में बढ़ते अपराध और बिगड़ती कानून व्यवस्था के विरोध में जोरदार विरोध मार्च निकाला गया। विरोध मार्च का नेतृत्व ज़िलाध्यक्ष अरुण द्विवेदी ने किया। मार्च के दौरान पुलिस प्रशासन ने बीच रास्ते में बैरिकेडिंग लगाकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को रोक दिया, जिसके बाद विरोध मार्च धरना एवं प्रदर्शन में तब्दील हो गया।
धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य देवेंद्र प्रताप सिंह मुन्ना ने कहा कि जनपद चंदौली में पिछले कुछ महीनों में जघन्य अपराधों में तेज़ी से वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि रोहिताश पाल सहित एक दर्जन से अधिक हत्याएं हो चुकी हैं। इसके अलावा एक विक्षिप्त महिला के साथ सामूहिक बलात्कार के बाद हत्या का प्रयास तथा एक छह वर्षीय बच्ची के साथ सामूहिक बलात्कार व हत्या जैसी घटनाओं ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया है।
उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में चंदौली के पुलिस अधीक्षक समेत पूरे पुलिस महकमे की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। यदि पुलिस अधीक्षक जिले की कानून व्यवस्था संभालने में असफल हैं, तो उन्हें कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर बल प्रयोग करने के बजाय अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कांग्रेस ज़िलाध्यक्ष अरुण द्विवेदी ने कहा कि अपराधियों ने चंदौली को अपना चारागाह बना लिया है। पुलिस महकमा कानून व्यवस्था बनाए रखने में पूरी तरह विफल साबित हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले के थाने अब न्याय के केंद्र न रहकर धन उगाही के अड्डे बन गए हैं।
अरुण द्विवेदी ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वर्तमान शासन में अपराधी और सरकार मिलकर अराजकता फैला रहे हैं। अपराधियों को सरकार का संरक्षण प्राप्त है, जिसके चलते वे बेखौफ होकर जघन्य अपराधों को अंजाम दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी जनता को अपराधियों और अराजक शासन से मुक्ति दिलाने के लिए संघर्ष जारी रखेगी।







