महाराष्ट्र महानगरपालिका चुनाव: महायुति के निर्विरोध विजेताओं पर मनसे ने हाईकोर्ट में चुनौती दायर करने का फैसला किया

महाराष्ट्र महानगरपालिका चुनावों में महायुति के कई उम्मीदवारों की निर्विरोध जीत अब कानूनी विवाद में फंस सकती है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) ने इसे लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर करने का फैसला किया है। मनसे नेता अविनाश जाधव आज, गुरुवार, हाईकोर्ट में यह याचिका दाखिल करेंगे।
अविनाश जाधव ने आरोप लगाया है कि महानगरपालिका चुनाव में 66 पार्षदों की निर्विरोध जीत पैसे के दम पर सुनिश्चित की गई। उनके अनुसार 5-8 करोड़ रुपये देकर विरोधी दल के उम्मीदवारों को नामांकन वापस लेने के लिए कहा गया। जाधव ने दावा किया कि कुछ उम्मीदवारों पर दबाव भी बनाया गया और उनके पास इसके सबूत मौजूद हैं। महानगरपालिका चुनाव में महायुति के कुल 68 उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए हैं, जिनमें बीजेपी के 44, शिंदे सेना के 22 और एनसीपी (अजित पवार गुट) के 2 उम्मीदवार शामिल हैं।
इस चुनाव में मुंबई में ठाकरे भाईयों – उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे – की जोड़ी भी महायुति को चुनौती दे रही है। बीएमसी चुनाव के नतीजे तय करेंगे कि मुंबई में ‘ब्रांड ठाकरे’ का प्रभाव अब भी कायम है या नहीं। चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार मुंबई में 87 सीटें ऐसी हैं, जहां शिंदे सेना और ठाकरे बंधुओं के बीच सीधी टक्कर है। ये अधिकांश मराठी बहुल इलाके हैं। मुंबई की 227 सीटों पर करीब 1,700 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इस बार मुख्य मुकाबला ‘प्रॉपर्टी टैक्स माफी’ और ‘लाडली बहना’ जैसी योजनाओं के वादों के इर्द-गिर्द केंद्रित है।







