मिशन रोजगार के तहत पंजाब में 61 हजार से अधिक सरकारी नौकरियां, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 606 शिक्षकों को सौंपे नियुक्ति पत्र

पंजाब में ‘मिशन रोजगार’ के तहत मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने एक नया रिकॉर्ड कायम करते हुए शिक्षा विभाग के 606 उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इसके साथ ही बीते चार वर्षों में राज्य में 61,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां देने का लक्ष्य हासिल किया गया है। इस अवसर पर टैगोर थिएटर में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने नव-नियुक्त उम्मीदवारों को नए साल की शुभकामनाएं भी दीं।
नियुक्ति पाने वालों में 385 स्पेशल एजूकेटर शिक्षक, 157 प्राइमरी शिक्षक, 8 प्रिंसिपल और अनुकंपा आधार पर भर्ती किए गए 56 कर्मचारी शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सभी नियुक्तियां पूरी तरह मेरिट और पारदर्शिता के आधार पर की गई हैं और किसी भी भर्ती को अब तक अदालत में चुनौती नहीं दी गई है।
भगवंत मान ने बताया कि अप्रैल 2022 से सरकार ने बड़े पैमाने पर भर्ती अभियान शुरू किया था और अब तक कुल 61,281 सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि पहले युवाओं को नियुक्ति पत्र की प्रतीक्षा में सालों इंतजार करना पड़ता था, लेकिन अब सरकार खुद युवाओं को नियुक्ति पत्र देकर सम्मानित कर रही है।
मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले योग्यता की बजाय रिश्तेदारी और सिफारिशों को महत्व दिया जाता था। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने हर गांव, शहर और कस्बे के युवाओं को योग्यता और क्षमता के आधार पर नौकरी देने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि उनके लिए पूरा पंजाब ही उनका परिवार है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पहली बार सरकारी स्कूलों में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए स्पेशल एजूकेटर शिक्षकों का अलग कैडर बनाया गया है। इसके तहत आज 385 स्पेशल एजूकेटर शिक्षकों को नियुक्ति पत्र दिए गए। उन्होंने कहा कि इससे प्राइमरी और सेकेंडरी स्तर पर पढ़ रहे लगभग 48,000 विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को लाभ मिलेगा। स्पेशल एजूकेटर शिक्षकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह जिम्मेदारी केवल पढ़ाने तक सीमित नहीं, बल्कि मानवता की सेवा से भी जुड़ी है।
नव-नियुक्त शिक्षकों और प्रिंसिपलों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देश का भविष्य शिक्षकों के हाथों में होता है। उन्होंने शिक्षक की भूमिका को मूर्तिकार से तुलना करते हुए कहा कि शिक्षक विद्यार्थी के जीवन को सही दिशा देने का कार्य करता है।
मुख्यमंत्री ने शिक्षा क्षेत्र में किए गए सुधारों का जिक्र करते हुए कहा कि पंजाब के सरकारी स्कूलों के शिक्षक अब विश्व स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि 234 प्रिंसिपल और शिक्षा अधिकारी सिंगापुर में, 249 हेड टीचर्स आईआईएम अहमदाबाद में और 216 प्राइमरी शिक्षक फिनलैंड की तुर्कू यूनिवर्सिटी में विशेष प्रशिक्षण ले चुके हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में 118 स्कूल ऑफ एमिनेंस स्थापित किए जा रहे हैं, जिन्हें गरीब और साधारण परिवारों के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव माना जा रहा है। इसके साथ ही सरकारी स्कूलों में मुफ्त यूनिफॉर्म और लड़कियों के लिए मुफ्त बस सेवा शुरू की गई है ताकि कोई भी बच्ची शिक्षा से वंचित न रहे।
इस अवसर पर शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने मुख्यमंत्री का धन्यवाद करते हुए कहा कि शिक्षा क्रांति का असर अब प्रदेश के हर सरकारी स्कूल में दिख रहा है। उन्होंने बताया कि अब कोई भी बच्चा सरकारी स्कूल में जमीन पर बैठकर पढ़ाई नहीं करता, जबकि वर्ष 2022 में लाखों बच्चे ऐसी स्थिति में पढ़ रहे थे। उन्होंने यह भी बताया कि लड़कियों के लिए बस सुविधा, स्कूल सुरक्षा के लिए पूर्व सैनिकों की तैनाती और सभी सरकारी कॉलेजों में प्रिंसिपलों की नियुक्ति जैसे कदम उठाए गए हैं।
कार्यक्रम के दौरान नव-नियुक्त युवाओं ने भी अपने अनुभव साझा किए। मलोट के नितिन ने बताया कि उन्होंने पुलिस की नौकरी छोड़कर शिक्षक बनने का सपना पूरा किया। गुरदासपुर की नवप्रीत कौर और फाजिल्का की महिला शिक्षिका ने भी लंबे इंतजार के बाद सरकारी नौकरी मिलने पर सरकार का आभार जताया। इस समारोह में स्कूल शिक्षा सचिव अनिंदिता मित्रा, उच्च शिक्षा निदेशक एच.एस. बराड़, सेकेंडरी शिक्षा निदेशक गुरिंदर सिंह सोढ़ी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।







