निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी पर वैश्विक विरोध, ड्रग केस में आज अमेरिकी कोर्ट में पहली पेशी

वेनेजुएला के अपदस्थ राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की कथित गिरफ्तारी को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस कार्रवाई के विरोध में अमेरिका समेत कई देशों में प्रदर्शन हो रहे हैं और इसे पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की “दादागिरी” करार दिया जा रहा है। इसी बीच मादुरो आज ड्रग तस्करी से जुड़े एक मामले में अमेरिकी अदालत में पहली बार पेश होने वाले हैं।
बताया जा रहा है कि निकोलस मादुरो सोमवार को न्यूयॉर्क के मैनहैटन स्थित फेडरल कोर्ट में पेश होंगे। अमेरिकी एजेंसियों ने उन पर ड्रग तस्करी और नार्को-टेररिज्म से जुड़े गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोपों के अनुसार, मादुरो ने अपनी सत्ता और सरकारी तंत्र का इस्तेमाल कर कथित तौर पर हजारों टन कोकेन अमेरिका पहुंचाने में मदद की। इस मामले में आज पहली सुनवाई होनी है।
मादुरो के वकीलों ने उनकी गिरफ्तारी को अदालत में चुनौती देने की तैयारी कर ली है। बचाव पक्ष का तर्क होगा कि मादुरो एक संप्रभु देश के राष्ट्राध्यक्ष रहे हैं और इस आधार पर उन्हें अभियोजन से राजनयिक और कानूनी इम्युनिटी मिलनी चाहिए। वकीलों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत किसी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष की गिरफ्तारी और मुकदमा चलाना वैध नहीं माना जाता।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, यह दलील अंतरराष्ट्रीय कानून पर आधारित हो सकती है, लेकिन अमेरिकी अदालतें पहले भी ऐसे मामलों में सुनवाई आगे बढ़ा चुकी हैं। इस संदर्भ में पनामा के पूर्व शासक मैनुअल नोरिएगा का उदाहरण दिया जा रहा है, जिन्हें 1989 में ड्रग तस्करी के आरोपों में गिरफ्तार कर अमेरिका लाया गया था और बाद में दोषी ठहराया गया। मादुरो पर भी ड्रग कार्टेल्स के साथ सांठगांठ के आरोप लगाए जा रहे हैं।
रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि 3 जनवरी को वेनेजुएला में सैन्य कार्रवाई के बाद अमेरिकी सेना ने मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को हिरासत में लेकर न्यूयॉर्क पहुंचाया, जहां उन्हें ब्रुकलिन की एक हाई-सिक्योरिटी जेल में रखा गया है। वहीं, वेनेजुएला में उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने अंतरिम रूप से राष्ट्रपति की जिम्मेदारी संभालने की घोषणा की है। फिलहाल, इस पूरे मामले पर दुनियाभर की नजरें टिकी हुई हैं और अमेरिकी अदालत में होने वाली सुनवाई को बेहद अहम माना जा रहा है।







