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पंजाब विधानसभा में मनरेगा संशोधन बिल के खिलाफ सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित, राजनीतिक हंगामा भी रहा

पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र में मंगलवार को मनरेगा संशोधन बिल के खिलाफ सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया। आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के विधायकों ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया। कांग्रेस विधायकों ने मुख्यमंत्री और आप विधायकों को दिल्ली में धरना-प्रदर्शन करने का ऑफर भी दिया, लेकिन सदन में पर्याप्त समय न मिलने का आरोप लगाते हुए वेल में आकर हंगामा किया।

हंगामे के बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान और स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने उन्हें शांत रहने और कार्यवाही बाधित न करने का आग्रह किया। इसके बावजूद कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैहरा को मार्शल की मदद से सदन से बाहर किया गया। अन्य कांग्रेसी विधायक वेल में ही खड़े रहे, लेकिन मान के आग्रह पर वे अपनी सीटों पर लौट आए और सदन की कार्यवाही फिर सुचारू हुई।

संसदीय मंत्री तरुणप्रीत सौंद ने मनरेगा संशोधन बिल के खिलाफ प्रस्ताव रखा। चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस विरोध प्रस्ताव का समर्थन किया। स्पीकर ने अन्य विधायकों की राय के बाद इसे सर्वसम्मति से पारित कर केंद्र सरकार को भेजने का फैसला लिया। आम आदमी पार्टी के विधायकों ने अपने-अपने हलकों से मजदूरों से फार्म भरवाकर सदन में प्रस्तुत किए। स्पीकर ने दावा किया कि लगभग 10 लाख फार्म केंद्र सरकार को भेजे जाएंगे। इस दौरान भाजपा के विधायक अश्वनी शर्मा ने कहा कि पंजाब सरकार मजदूरों और पंजाबियों को गुमराह कर रही है। उन्होंने बताया कि यह बिल पूरे देश के लिए है और राज्य सरकारें इसे प्रभावशाली ढंग से लागू करने में विफल रही हैं।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मान सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि संसद द्वारा पारित कानून के खिलाफ राज्य विधानसभा में प्रस्ताव लाना संघीय ढांचे के खिलाफ है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक और संवैधानिक रूप से गलत बताया। पंचायत मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि मनरेगा जैसी जनहितैषी योजना को खत्म करना गरीबों और मजदूर वर्ग के खिलाफ है। उन्होंने भाजपा की नीतियों को दलित विरोधी बताया।

आप के प्रदेशाध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि संशोधन बिल मनरेगा को खत्म करने की साजिश है और इससे पंजाब पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने अभी तक पंजाब के 350 करोड़ रुपये रोक रखे हैं, जिससे मजदूरों को दिहाड़ी नहीं मिल रही। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी केंद्र सरकार पर तीखा हमला किया।

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