यूपी में ड्राफ्ट वोटर लिस्ट की तारीख बढ़ी, अखिलेश यादव ने जताई आशंका

उत्तर प्रदेश में ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी करने की तारीख बढ़ाए जाने को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए आशंका जताई है। उन्होंने कहा कि जैसे चुनाव के दौरान मतदान प्रतिशत और नतीजों में देरी होने पर जनता के मन में संदेह पैदा होता है, उसी तरह ड्राफ्ट वोटर लिस्ट की तारीख बढ़ने से भी शंकाएं जन्म ले रही हैं।
अखिलेश यादव ने आगे कहा कि कहीं “मानवीय भूल” के बहाने मतदाताओं की संख्या में हेरफेर न हो जाए। उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस बार “पीडीए प्रहरी” पूरी तरह सतर्क हैं और हर प्रक्रिया पर नजर रखे हुए हैं। दरअसल, देश के विभिन्न राज्यों में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) किया जा रहा है, जिसके तहत वोटर लिस्ट की गहराई से जांच की जा रही है। उत्तर प्रदेश में पहले ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 31 दिसंबर को जारी होनी थी, लेकिन अब इसकी तारीख बढ़ाकर 6 जनवरी, 2026 कर दी गई है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, संशोधित कार्यक्रम के तहत उत्तर प्रदेश में SIR के अंतर्गत मतदाता सूची का आलेख्य प्रकाशन 6 जनवरी, 2026 को होगा। इसके बाद 6 जनवरी से 6 फरवरी, 2026 तक दावे और आपत्तियां दर्ज की जा सकेंगी। चुनाव आयोग ने बताया कि 6 जनवरी से 27 फरवरी, 2026 तक नोटिस चरण, गणना प्रपत्रों पर निर्णय और दावे-आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया चलेगी। इसके बाद उत्तर प्रदेश की अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 6 मार्च, 2026 को किया जाएगा।







