मन की बात के 125वें एपिसोड में पीएम मोदी का आह्वान “गर्व से कहो, ये स्वदेशी है”, आपदाओं पर संवेदना, सेना की सराहना और ‘प्रतिभा सेतु’ की बड़ी पहल

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने रेडियो क्रार्यक्रम मन की बात के 125 वे एपिसोड में लोकल फॉर वोकल पर जोर दिया। उन्होंने लोगों से स्वदेशी उत्पादों के इस्तेमाल की अपील की और कहा कि गर्व से कहो कि ये स्वदेशी है। मन की बात का का यह 125 वां एपिसोड है। इसका प्रसारण ऐसे समय में हुआ जब देश अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के टैरिफ की समस्या का सामना कर रहा है। पीएम मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत में प्राकृतिक आपदाओं का जिक्र करते हुए बड़े पैमाने पर जानमाल के नुकसान की घटना पर दुख जताया।
यह दर्द हम सबका दर्द है-पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा-मॉनसून के इस मौसम में प्राकृतिक आपदाएं देश की कसौटी कर रही हैं। पिछले कुछ हफ्तों में हमने बाढ़ और भू-स्खलन का बड़ा कहर देखा है। कहीं घर उजड़ गए, कहीं खेत डूब गए, परिवार के परिवार उजड़ गए, पानी के तेज बहाव में कहीं पुल बह गए, सड़कें बह गईं, लोगों का जीवन संकट में फंस गया | इन घटनाओं ने हर हिन्दुस्तानी को दुखी किया है। जिन परिवारों ने अपने प्रियजन खोए, उनका दर्द हम सबका दर्द है।
सेना के कामों की तारीफ
उन्होंने आपदा की इस घड़ी में NDRF, SDRF और स्थानीय एजेंसियों की तारीफ की। साथ ही सेना के कामों की भी सराहना की। उन्होंने कहा-‘आपदा की घड़ी में सेना मददगार बनकर सामने आई। स्थानीय लोग, सामाजिक कार्यकर्ता, डॉक्टर, प्रशासन, संकट की इस घड़ी में सभी ने हर संभव प्रयास किया | मैं ऐसे हर नागरिक को हृदय से धन्यवाद देता हूं, जिन्होंने इस कठिन समय में मानवीयता को सबसे ऊपर रखा हुआ है।’
जम्मू-कश्मीर की उपलब्धियों का जिक्र
उन्होंने कहा-बाढ़ और बारिश की इस तबाही के बीच जम्मू-कश्मीर ने दो बहुत खास उपलब्धियां भी हासिल की हैं। इन पर ज्यादा लोगों का ध्यान नहीं गया, लेकिन जब आप उन उपलब्धियों के बारे में जानेंगे तो आपको बहुत खुशी होगी | जम्मू-कश्मीर के पुलवामा के एक स्टेडियम में रिकॉर्ड संख्या में लोग इकट्ठा हुए। यहांपुलवामा का पहला day-night cricket match खेला गया। पहले ये होना असंभव था, लेकिन अब मेरा देश बदल रहा है। ये match ‘Royal Premier League’ का हिस्सा है, जिसमें जम्मू-कश्मीर की अलग-अलग टीमें खेल रही हैं। इतने सारे लोग, खासकर युवा, पुलवामा में रात के समय, हजारों की तादाद में cricket का आनंद लेते हुए – ये नजारा वाकई देखने लायक था।
दूसरा आयोजन जिसने ध्यान खींचा, वो है देश में हुआ पहला ‘Khelo India Water Sports Festival’ और वो भी श्रीनगर की डल झील पर हुआ । ऐसा उत्सव आयोजित करने के लिए ये कितनी खास जगह है। इसका उद्देश्य है जम्मू-कश्मीर में water sports को और लोकप्रिय बनाना और इसमें पूरे भारत से 800 से अधिक athletes ने हिस्सा लिया।
क्या है प्रतिभा सेतु? जिसका जिक्र पीएम मोदी ने किया
पीएम मोदी ने अपने संबोधि में कहा कि हम सबने Civil Services के Toppers की प्रेरणादायी बातें अनेक बार सुनी हैं। हजारों ऐसे उम्मीदवार भी होते हैं, जो बेहद काबिल होते हैं, उनकी मेहनत भी किसी से कम नहीं होती, पर मामूली अंतर से वो अंतिम सूची तक नहीं पहुंच पाते | इन उम्मीदवारों को दूसरी परीक्षाओं के लिए नए सिरे से तैयारी करनी पड़ती है | इसमें उनका समय और पैसा दोनों खर्च होता था | इसलिए अब ऐसे होनहार विद्यार्थियों के लिए भी एक digital platform बनाया गया है और इसका नाम है ‘प्रतिभा सेतु’ । इस portal से private कंपनियां इन होनहार students की जानकारी लेकर उन्हें अपने यहां नियुक्ति दे सकती हैं । साथियों, इस प्रयास के नतीजे भी आने लगे हैं | सैकड़ों उम्मीदवारों को इस portal की मदद से तुरंत नौकरी मिली है और वो युवा जो मामूली अंतर से रुक गए थे, अब नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहे हैं। ‘प्रतिभा सेतु’ में उन उम्मीदवारों का data रखा गया है, जिन्होंने UPSC की अलग-अलग परीक्षाओं के सभी चरण पास किए, लेकिन, अंतिम Merit list में उनका नाम नहीं आ पाया | इस portal पर दस हजार से ज्यादा ऐसे होनहार युवाओं का databank मौजूद है | कोई civil services की तैयारी कर रहा था, कोई engineering services में जाना चाहता था, कोई medical services के हर पड़ाव को पार कर चुका था लेकिन final में उसका selection नहीं हुआ – ऐसे सभी उम्मीदवारों की जानकारी अब ‘प्रतिभा सेतु’ portal पर उपलब्ध कराई जा रही है।