मध्यप्रदेश : पर्यटन की नई पहचान, बहुआयामी आकर्षण का केंद्र

भोपाल। भारत का हृदय प्रदेश मध्यप्रदेश अपनी अप्रतिम प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहरों के लिए जाना जाता है। यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगा कि मध्यप्रदेश देश का सबसे सम्मोहक पर्यटन राज्य बन चुका है। यहाँ का हर कोना सौंदर्य और विरासत से भरपूर है। जो एक बार यहां आता है, वह इसकी स्मृतियों के आकर्षण में बंधकर बार-बार लौटता है।
बीते वर्षों में मध्यप्रदेश का पर्यटन केवल सैर-सपाटे तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह अब एक सशक्त उद्योग का रूप ले चुका है। राज्य सरकार की दूरदर्शी नीतियों और निर्णयों से यह क्षेत्र लगातार विस्तार कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ‘अतुल्य भारत’ को जो वैश्विक पहचान मिली है, उसका सीधा सकारात्मक असर मध्यप्रदेश के पर्यटन उद्योग पर दिखाई देता है। घरेलू पर्यटन में वृद्धि से प्रदेश को विशेष लाभ मिला है।
बहुआयामी पर्यटन की ओर बढ़ता कदम
मध्यप्रदेश की सबसे बड़ी विशेषता उसकी विविधता है। यहाँ *प्राकृतिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक, वन्यजीव, ग्रामीण, रोमांचकारी, कृषि, फिल्म और चिकित्सा पर्यटन* जैसे नए स्वरूप तेजी से उभर रहे हैं। यह बहुआयामी पहचान प्रदेश को पर्यटन के नक्शे पर और भी विशिष्ट बनाती है।
प्रदेश में पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। बीते वर्ष देश में सर्वाधिक पर्यटक मध्यप्रदेश में आए। नैसर्गिक सौंदर्य, धार्मिक स्थल, ऐतिहासिक धरोहरें और जीवंत वन प्रदेश की प्रमुख ताकत हैं। देश में सबसे अधिक बाघ यहीं पाए जाते हैं। नर्मदा और चंबल जैसी पवित्र नदियां भी श्रद्धालुओं और प्रकृति प्रेमियों को आकर्षित करती हैं। साथ ही कूनो राष्ट्रीय उद्यान में चीतों की वापसी ने प्रदेश की पहचान को और मजबूत किया है।
यूनेस्को की सूची में 18 धरोहरें
सांची, खजुराहो और भीमबेटका पहले ही विश्व धरोहर स्थल हैं। अब ग्वालियर किला, भोजपुर का भोजेश्वर महादेव मंदिर, बुरहानपुर का खूनी भंडारा, मंदसौर का धमनार और मंडला के गोंड स्मारक जैसे नए स्थलों को भी यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल करने की तैयारी चल रही है। नर्मदा परिक्रमा, गोंड कला और भगोरिया उत्सव जैसे सांस्कृतिक आयोजन भी वैश्विक पहचान बना रहे हैं।
निवेश और आधुनिक सुविधाओं से पर्यटन को गति
पर्यटन क्षेत्र को मजबूती देने के लिए अधोसंरचना, सड़क और रेल संपर्क पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। हाल ही में रीवा पर्यटन कॉन्क्लेव में तीन हजार करोड़ रुपये* के निवेश प्रस्ताव मिले। इसके अलावा, पीएमश्री पर्यटन वायु सेवा से भोपाल, इंदौर, जबलपुर, रीवा, सतना और सिंगरौली जैसे शहरों के बीच वायु संपर्क शुरू हुआ है।मध्यप्रदेश अब न केवल अपनी ऐतिहासिक और प्राकृतिक धरोहरों के लिए बल्कि आधुनिक सुविधाओं और सुरक्षित वातावरण के लिए भी तेजी से पर्यटकों की पहली पसंद बन रहा है।