यूपी में होमगार्ड्स की नई भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी, नियमों में बड़े बदलाव की तैयारी

लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में होमगार्ड्स के रिक्त पदों को भरने के लिए तत्काल भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं। बदलती परिस्थितियों और बढ़ती जिम्मेदारियों को देखते हुए उन्होंने एनरोलमेंट से जुड़े नियमों में संशोधन पर जोर दिया। सीएम ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया समयबद्ध, पारदर्शी और निष्पक्ष होनी चाहिए। इसके लिए पुलिस भर्ती एवं प्रशिक्षण बोर्ड के सहयोग से एक नया बोर्ड गठित किया जाएगा।
कितने पद खाली हैं?
प्रदेश में इस समय 1,18,348 स्वीकृत पदों में से 71,155 होमगार्ड कार्यरत हैं। अगले दस वर्षों में लगभग 38,000 स्वयंसेवक सेवानिवृत्त होंगे। साथ ही, मौजूदा बल में 51% से अधिक होमगार्ड 50 वर्ष से ऊपर की उम्र के हैं।
अधिकतम आयु सीमा होगी 30 वर्ष
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को अवसर देने और बल को अधिक सक्षम बनाने के लिए भर्ती के नियमों में बदलाव किया जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि एनरोलमेंट की अधिकतम आयु 30 वर्ष तय की जाए। इसके अलावा चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा को अनिवार्य किया जाएगा और पात्रता मानक समयानुकूल बनाए जाएंगे। आपदा प्रबंधन का अनुभव या प्रशिक्षण प्राप्त अभ्यर्थियों को *प्राथमिकता* देने की भी बात कही गई।
डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रक्रियाएं
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि होमगार्ड विभाग की सभी प्रक्रियाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाया जा रहा है। ड्यूटी आवंटन, भत्ता भुगतान, अनुग्रह राशि और पेंशन जैसी सेवाएं अब ऑनलाइन हो चुकी हैं। “होमगार्ड मित्र ऐप” जैसी पहल से पारदर्शिता और दक्षता बढ़ी है।
प्रशिक्षण व्यवस्था मजबूत
वर्तमान में एक *केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थान* और 12 मंडलीय प्रशिक्षण केंद्र सक्रिय हैं, जहां हर साल 15,000 से अधिक स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण दिया जाता है। हाल ही में लोकसभा और विधानसभा चुनावों, विभिन्न राज्यों के निर्वाचन कार्यों और महाकुंभ 2025 जैसे आयोजनों में होमगार्ड्स ने उल्लेखनीय योगदान दिया है।सीएम योगी ने विश्वास जताया कि नई भर्ती प्रक्रिया लागू होने के बाद यूपी का होमगार्ड संगठन और अधिक प्रशिक्षित, सक्षम और जनसेवा के प्रति समर्पित स्वरूप में सामने आएगा।