उत्तराखंड में बादल फटने से तबाही, रुद्रप्रयाग-चमोली में जनजीवन प्रभावित, सीएम धामी ने दिए राहत-बचाव के निर्देश

उत्तराखंड में एक बार फिर बादलों ने कोहराम मचाया है। रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों में बादल फटने की घटनाओं से भारी तबाही की खबर है। रुद्रप्रयाग की तहसील बसुकेदार क्षेत्र के बड़ेथ डुंगर तोक और चमोली जिले के देवाल क्षेत्र में मलबा आने से कई परिवार प्रभावित हुए हैं। चमोली में दो लोगों के लापता होने की पुष्टि हुई है, जबकि कुछ लोग घायल बताए जा रहे हैं।
चमोली का हालात गंभीर
देवाल क्षेत्र के कालेश्वर में पहाड़ से आए मलबे ने कई घरों को अपनी चपेट में ले लिया। मलबा हटाने के लिए जेसीबी मशीनें लगातार काम कर रही हैं। वहीं, देर रात मोपाटा गांव में बादल फटने से तारा सिंह और उनकी पत्नी लापता हो गए, जबकि विक्रम सिंह और उनकी पत्नी घायल हैं। चमोली जिले के ज्योर्तिमठ, नारायणबगड़, थराली, नंदानगर, कर्णप्रयाग, गैरसैंण और दशोली में भी लगातार बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने दिए राहत-बचाव के निर्देश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया पर घटना की जानकारी साझा करते हुए कहा कि रुद्रप्रयाग और चमोली में बादल फटने से कई परिवार प्रभावित हुए हैं। उन्होंने लिखा कि स्थानीय प्रशासन युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य में जुटा है। मुख्यमंत्री ने आपदा सचिव और जिलाधिकारियों से निरंतर संपर्क में रहकर प्रभावी बचाव कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बाबा केदार से सभी लोगों की सुरक्षा की प्रार्थना भी की।
राष्ट्रीय राजमार्ग बंद, जनजीवन अस्त-व्यस्त
लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण चमोली जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग कई स्थानों पर अवरुद्ध हो गया है। नंदप्रयाग, कमेड़ा, बनेरपानी, पागलनाला, जिलासू, गुलाबकोटी और चटवापीपल के पास सड़कें बंद हैं। एनएच खोलने के लिए संबंधित टीमें मौके पर काम कर रही हैं।
उधर, रुद्रप्रयाग जिले में भी हालात गंभीर हैं। गौरीकुंड, रुद्रप्रयाग, ऋषिकेश और बद्रीनाथ हाईवे जगह-जगह मलबे से बाधित हो गया है। नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बढ़ने से कई इलाकों में लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हो गए हैं। लैंडस्लाइड की घटनाओं से गाड़ियां फंसी हुई हैं और लोगों का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।