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मिसाल बेमिसाल : आईआईटी प्रोफेसर ने सरकारी स्कूल में बेटी का कराया दाखिला, पत्नी भी फ्री में पढ़ाएंगी

शिमला। सरकारी प्राइमरी स्कूलों में लोग अपने बच्‍चों को आमतौर पर पढ़ने के लिए नहीं भेजते। हर मां–बाप का सपना अपने बच्‍चों को अच्‍छे प्राइवेट स्‍कूल जो कि अंग्रेजी माध्‍यम के होते हैं, में किसी तरह से एडमिशन कराने का होता है। आर्थिक रूप से सक्षम माता–पिता अपने बच्‍चे के सुंदर भविष्‍य के लिए उन्‍हें किसी प्राइवेट स्‍कूल में ही पढ़ाना पसंद करते हैं।

इस सोच के उलट आईआईटी मंडी के प्रोफेसर रजनीश शर्मा ने अपनी बेटी का दाखिला एक सरकारी स्कूल में कराया है। उनके इस कदम से सभी हैरान है। आपको यह भी बता दें कि सहायक प्रोफेसर ने न सिर्फ अपनी बेटी का सरकारी स्‍कूल में दाखिला करवाया है, बल्कि उन्होंने अपने खर्च पर भी इस स्कूल में अंग्रेजी मीडियम से पढ़ाई कराने के लिए एक शिक्षक तैनात करने की पेशकश भी विभाग के सामने रख दी है।

साथ ही प्रोफेसर रजनीश शर्मा की पत्नी ने स्कूल में नि:शुल्क पढ़ाने की शुरुआत भी की है। इससे पहले वह बतौर प्रोफेसर पढ़ा चुकी हैं। जॉब से ब्रेक के चलते उन्होंने सरकारी स्कूल में नि:शुल्क बच्चों को पढ़ाने का फैसला किया है। वे रोज दो घंटे तक बच्चों को पढ़ाएंगी। गुरुवार को उनकी पत्नी बेटे को लेकर स्कूल पहुंची थी और खुद भी दो घंटे तक यहां बच्चों को पढ़ाया था।

आईआईटी मंडी के सहायक प्रोफेसर रजनीश शर्मा मूलत: हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर के रहने वाले हैं। कुछ दिन पहले ही उन्होंने राजकीय केंद्रीय प्राथमिक पाठशाला बाल मंडी में अपने बेटे का दाखिला कराया है। इस स्कूल में पांचवीं कक्षा तक कुल 101 बच्चे पढ़ रहे हैं।

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