24 से 27 अक्टूबर के बीच होने वाले कमांडर्स कॉन्फ्रेंस में उठेगा लड़ाकू विमानों का मुद्दा
नई दिल्ली। हिंद महासागर में चीन की बढ़ती गतिविधियों के बीच भारतीय नौसेना में लड़ाकू विमानों, हेलिकॉप्टरों व माइनस्वीपर जहाजों की कमी का मामला फिर से उठाया है। नौसेना के कमांडरों के जल्द होने वाले सम्मेलन में ये मुद्दे सरकार के सामने उठाए जाएंगे। यह सम्मेलन राजधानी नई दिल्ली में कल यानी 24-27 अक्टूबर के बीच होगा। यह नौसेना के कमांडरों और सरकारी अधिकारियों के बीच बातचीत के लिए अहम प्लेटफार्म है। रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण भी होने वाले इस सम्मेलन को 26 तारीख को संबोधित करेंगी।
सम्मेलन में नौसेना के मुकाबले की तत्परता पर गौर होगा, लेकिन अभी भारतीय नौसेना के पास लड़ाकू विमानों की भारी मात्रा में कमी है। वह 57 मल्टीरोल लड़ाकू विमानों की तलाश में है। फिलहाल उसके पास मिग 29-के हैं, जिनकी सर्विस में समस्या आती है। हल्का लड़ाकू विमान तेजस उसे मौजूदा रूप में पसंद नहीं है। नेवी को 100 से ज्यादा नए हेलिकॉप्टरों की भी जरूरत है। समुद्र में बिछाए गए बम से निपटने में मददगार नौसेना के पास जो माइनस्वीपर जहाज हैं, वे 2018 तक रिटायर हो जाएंगे। बता दें कि इस तरह के जहाजों की कमी पर एक संसदीय रिपोर्ट में भी चिंता जताई गई थी।
बता दें कि इन जहाजों के लिए टेंडर करीब एक दशक पहले जारी किए गए थे, जिसमें साउथ कोरिया की ही कंपनी के साथ करार के आसार बने थे। लेकिन अलग-अलग कारणों से देरी होती गई। अगर अब भी करार हो तो इस तरह के नए जहाज नौसेना को 2021 से पहले नहीं मिलेंगे। ज्ञात हो कि चीन के पास इस तरह के लगभग 100 जहाज हैं।