हर वर्ग का सम्मान ही क्षत्रिय धर्म : अवनीश सिंह ने साझा किए विचार, अंकित कुमार गोयल को दिया एक्सक्लूसिव इंटरव्यू

किसी भी समाज और देश के निर्माण और विकास मेँ युवाओं का महत्वपूर्ण योगदान होता है। कुंवर अवनीश सिंह अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा युवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। उन्होंने समाज और संघठन को मजबूत और युवाओं को जागरूक करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठायें हैं उनके नेतृत्व मेँ अस्तित्व बचाओ आंदोलन, जौहर स्वाभिमान यात्रा,शौर्य यात्रा और महाराणा प्रताप स्वाभिमान यात्रा जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। जिसका उद्देश्य ना केवल महाराणा प्रताप के विचारों को आगे बढ़ाना बल्कि युवाओं मेँ देश भक्ति भावना को जाग्रत भी करना है ।
सामाजिक समरसता और अस्तित्व बचाओ आंदोलन को लेकर न्यूज़ राइटर अंकित कुमार गोयल से अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा युवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुँवर अवनीश सिंह का एक्सक्लुसिव इंटरव्यू...
आपके अनुसार, अस्तित्व बचाओ आंदोलन क्या है, और क्यों आज के समय मेँ इस आंदोलन की ज़रूरत महसूस हुई?
देश की आज़ादी के बाद जब संविधान बना तो देश में सामाजिक और आर्थिक असमानता को दूर करने के लिए 10 वर्ष का आरक्षण दिया गया किन्तु आज 80 वर्ष के बाद भी आरक्षण ख़त्म होने की बजाए बढ़ता जा रहा है , सवर्ण समाज के अधिकार ख़त्म कर दिये गये , कई क़ानून बनाकर सवर्णों को प्रताड़ित किया जा रहा है जिसमें SCST एक्ट भी है , सुप्रीम कोर्ट के द्वारा २०१८ में इसमें मामूली सुधार का प्रयास किया गया किंतु देश भर में दंगा और आंदोलन भड़काने लगा तब मुझे अस्तित्व बचाओ आंदोलन शुरू करना पड़ा जिसके तहत भारत बंद का आह्वान हुआ और तीन राज्यों में बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा और हमे EWS आरक्षण प्राप्त हुआ
आप युवा होकर एक जातिवादी संगठन चलातें हैं किसी भी देश की समरसता के लिए ये बाधक का काम नहीं करेगा?
जाती बुरी नहीं है हमारे शास्त्रों में जाति की सुंदर व्याख्या की गई है और हर जाति का स्वर्णिम इतिहास है और इस देश में आज़ादी में बाद और जातिवाद हावी हुआ कारण हमारा संविधान , एक तरफ़ हम सामाजिक समानता की बात करते है दूसरी तरफ़ हर अवसर में जाति के आधार पर देश को संचालित करते है । संविधान और देश की लिखित व्यवस्था से जाति को हटा दीजिए सबको समान अवसर दीजिए हम भी जातिवादी संगठन बंद कर देंगे
महाराणा प्रताप शौर्य, साहस, पराक्रम और वीरता के प्रतिक माने जाते हैं आज के युवाओं को उनसे क्या सिख मिल सकती है?
महाराणा प्रताप स्वयं में एक परिपूर्ण व्यक्ति है युवा उनसे शौर्य प्रक्रम और विपरीत परिस्थिति में भी स्वाभिमान से समझौता न करना सीखना चाहिए , महाराणा जीतने बहादुर साहसी थे उतने ही दयालु प्रजापालक और धार्मिक भी थे । युवा जरा सी विपरीत परिस्थिति में आत्महत्या कर लेते है किंतु महाराणा को आदर्श मानने वाले यह जानते है की स्वयं को विपरीत हालातो में किस तरह तैयार कर युद्ध के लिए खड़ा होना चाहिए
महाराणा प्रताप की विरासत आज भी कैसे प्रासंगिक है?
यह तो हर युग में में प्रासंगिक होगी क्योंकि स्वाभिमान की जंग तो हर युग में होती रहेगी , विपरीत परिस्थितियों आती रहेगी और हर युग में आक्रमण करने वाले आततायी पैदा होते रहेंगे इसलिए महाराणा की प्रेरणा हर युग में ली जाएगी
अन्य समाज के लोगों के प्रति आपका नज़रिया क्या है?
मैं हर मंच से बोलता हूँ की क्षत्रिय हर वर्ग हर समाज के लिए जीता रहा है , हमने विपरीत परिवृत्ति में भी सभी समाज का दामन थाम के चला है , राम ने तो सबरी के जूठे बेर खाये है और महाराणा थे तो भीलों से मिलकर सेना बनाई , हर वर्ग का सम्मान ही एक मर्यादित क्षत्रिय की पहचान है
सामाजिक समरसता और देश प्रेम भावना के लिए आप आज के युवाओं को क्या मेसेज देना चाहते हैं?
आज तो हर राजनीति में सामाजिक समानता को ख़त्म किया जा रहा है , दलित पिछड़े की राजनीति करने वाले अरबपति बन जाते है लेकिन उनका समाज अभी भी वही का वही है , युवाओं को न्याय प्रिय होना होगा और समान अवसर मिलने की वकालत सबको करनी चाहिए तभी समाज में समरसता बनेगी , युवा देश की नींव है उनको संकीर्ण मानसिकता से दूर रहकर राष्ट्र के विकास पर केंद्रित होना पड़ेगा