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UTTARAKHAND : जल्द शुरू हो सकता है टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन का निर्माण

रेल मार्ग के निर्माण के लिए वर्ष 1912 में ब्रिटिश शासनकाल से वर्ष 2010-11 तक कई बार सर्वे का काम किया गया है

उत्तराखंड में टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन जल्द ही बन सकती है। केन्द्रीय वस्त्र राज्यमंत्री अजय टम्टा एवं सांसद भगत सिंह कोश्यारी ने नई दिल्ली में रेल मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात कर टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन के जल्द निर्माण का अनुरोध किया है।

इस संबंध में रेल मंत्री को लिखे पत्र में अजय टम्टा ने कहा,” उनके संसदीय क्षेत्र अल्मोड़ा की जनता कई दशकों से टनकपुर-बागेश्वर रेल मार्ग के निर्माण की मांग को लेकर संघर्ष कर रही है। इस रेल मार्ग के निर्माण के लिए वर्ष 1912 में ब्रिटिश शासनकाल से वर्ष 2010-11 तक कई बार सर्वे का काम किया गया है।”

उन्होंने इस विषय को लोकसभा में रेल बजट पर अपने भाषण में भी उठाया था और इसका निर्माण जल्द शुरू करने का अनुरोध किया था।

उन्होंने कहा कि राज्यसभा की याचिका समिति के सामने रक्षा मंत्रालय ने टनकपुर-बागेश्वर रेलमार्ग को भारत की सुरक्षा की दृष्टि से सामरिक महत्व की परियोजना के रूप में चिन्ह्ति किया था। समिति ने अपनी 141वीं रिपोर्ट में इसके शीघ्र निर्माण का प्रस्ताव किया गया था। इस रेल मार्ग के निर्माण में देरी होने से क्षेत्रवासियों में गुस्सा साफ दिख रहा  है।

 

अजय टम्टा ने यह जानकारी दी कि इस बारे में बागेश्वर-टनकपुर रेलमार्ग निर्माण संघर्ष समिति के साथ सांसद भगत सिंह कोश्यारी के पत्र का भी उल्लेख किया है, जिसमें भी उल्लेख किया गया है कि सामरिक सुरक्षा की दृष्टि से संसद की याचिका समिति के सम्मुख हिमालयी राज्यों में 14 नई रेल लाईनों की आवश्यकता बताई गयी है।

इन 14 रेल लाईनों में तीन उत्तराखंड से हैं, जिनमें ऋषिकेश कर्णप्रयाग चमोली, टनकपुर-बागेश्वर व टनकपुर-जौलजीवी है। इनमें टनकपुर बागेश्वर रेल लाईन के बीच में लगभग 80 किमी के बाद जौलजीवी 35 किमी के आसपास रेल लाईन बनेगी। इन रेल लाईनों में टनकपुर-बागेश्वर-जौलजीवी छोड़कर ऋषिकेश-कर्णप्रयाग सहित सभी रेल लाईनों को केन्द्र ने राष्ट्रीय प्रोजेक्ट के रूप में ले लिया है।

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