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ये कप्तान न होता, तो गिने चुने लोग ही जान पाते मास्टर-ब्लास्टर सचिन का नाम

70वें मैच में मिला था सचिन को ओपनिंग करने का मौका

रिपोर्ट – आदर्श कुमार

साल था 1994 दिन 27 मार्च इसे भारत के क्रिकेट इतिहास का सबसे ऐतिहासिक दिन कहा जाना गलत नहीं होगा। क्योंकि इसी दिन 24 साल पहले उस समय के भारतीय कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन ने एक ऐसा फैसला लिया जिससे सचिन तेंदुलकर महान सचिन तेंदुलकर बन गए।

सचिन

पहली बार बने थे ओपनिंग बल्लेबाज

सचिन

इस दिन अपने वनडे करियर के 70वें मैच में सचिन को ओपनिंग करने का मौका मिला, जिसका उन्होंने भरपूर फायदा उठाया। इसके बाद जो हुआ उसकी गवाह पूरी दुनिया हैं।

उस दिन अनफिट थे सिद्धूसचिन को मिला मौका

सचिन

सचिन अपने शुरुवाती दिनों में मध्यक्रम के बल्लेबाज थे। लेकिन उन24 साल पहले उस समय के भारतीय कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन ने एक ऐसा फैसला लिया जिससे सचिन तेंदुलकर महान सचिन तेंदुलकर बन गए।को एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच में प्रारंभिक बल्लेबाज के तौर पर उतारने का यह फैसला भारतीय कप्तान अजहरुद्दीन का था। 1994 के न्यूजीलैंड दौरे में टीम इंडिया के नियमित ओपनर नवजोत सिंह सिद्धू की गर्दन में परेशानी की वजह से सचिन से पारी का आगाज कराया गया। सचिन भी यही चाहते थे।

न्यूजीलैंड के खिलाफ 82 रनों की तूफानी पारी खेली

न्यूजीलैंड के खिलाफ चार वनडे मैचों की सीरीज के दूसरे मैच में सचिन ने पहली बार ओपनिंग की। उन्होंने 49 गेंदों पर 82 रनों की धुआंधार पारी खेली, जिसमें उनके 15 चौके और दो छक्के शामिल थे। न्यूजीलैंड के ऑलराउंडर गेविन लारसन इस मैच को कभी याद नहीं करना चाहेंगे। सचिन ने उनके पहले ही ओवर में तीन चौके जड़े और एक छ्क्का भी लगाया।

सलामी बल्लेबाज के तौर पर देखिए सचिन के आंकड़े

ओपनर के रूप में सचिन ने 344 मैचों में 48.29 की औसत से सर्वाधिक 15310 रन बनाए.

क्या कहते है सचिन?

मेरे पास गेंदबाजों पर आक्रमण करने की क्षमता थी। वनडे के पहले 15 ओवरों में फील्ड प्रतिबंधों का फायदा उठाना एक बड़ी बात थी। मुझे खुद को साबित करने का एक मौका चाहिए था। मैंने वाडेकर सर ( टीम मैनेजर) से कहा था कि अगर मैं असफल रहा, तो दोबारा ओपनिंग की बात नहीं करूंगा।

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