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मैंने कश्मीरियों को बड़ी नजदीक से जिया : रमा पांडेय

नई दिल्ली, 23 सितम्बर (आईएएनएस)| टेलीविजन एवं नाट्य जगत की जानी मानी हस्ती रमा पांडेय ने शनिवार को यहां कहा कि उन्होंने कश्मीरियों को बड़ी नजदीक से जिया है और उनके दर्द को कविताओं और गीतों के जरिए जाहिर किया है। रमा पांडेय के निर्देशक के तौर पर अपने जीवन के अनुभवों को दृश्य कविता के माध्यम से साझा करने के लिए राजधानी के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

उन्होंने कहा, कश्मीरी लोग सरहद के दोनों तरफ शोषित किए जाते हैं। बहुत सारा साहित्य ऐसा रह जाता है जो की साहित्य नहीं कहला पाता क्योंकि उसको वाहवाही तो मिलती है पर समर्थन नहीं मिलता। मैंने जो देखा वही लिखा, मैंने कश्मीर में तबाही देखी, बहुत सी नज्में तब की हैं जब कोई नहीं लिखता था। मेरा मानना है की कविताओं का सुना जाना उतना ही जरूरी है, जितना उनका छपना। मैं दी पोएट्री सोसाइटी (इंडिया) का धन्यवाद देती हूं उन्होंने एक ऐसे मंच की स्थापना की।

कार्यक्रम ‘अखियों के झरोखे से’ मुख्यत: दृश्य कविता के साथ एक प्रयोग है। इस कार्यक्रम के तहत रमा पांडेय ने अपनी कुछ चुनिंदा कविताओं का पाठ किया। साथ ही उन्होंने अपने संस्मरणों और संगीत का भी मंचन कर कार्यक्रम की शाम को जिवंत और श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

दी पोएट्री सोसाइटी (इंडिया) ने इस कार्यक्रम के आयोजन में सहयोग किया। उन्होंने कहा कि दी पोएट्री सोसाइटी (इंडिया) एक ऐसा मंच है जो काव्य पाठ को संरक्षण एवं बढ़ावा देता है। दी पोएट्री सोसाइटी सेमिनार, वर्कशॉप, प्रकाशन एवं राष्ट्रीय स्तर पर स्पधरओ का आयोजन भी करता है।

सुप्रसिद्ध कवि बाल स्वरुप राही ने इस कार्यक्रम की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा, पोएट्री सोसाइटी (इंडिया) के माध्यम से काव्य की जो सेवा हो रही है वो अभूतपूर्व है। एक कवि भी कविता को वहां तक नहीं पहुंचा सकता जहां तक आयोजक पहुंचा सकते हैं। इसके लिए मैं आयोजकों का बहुत आभारी हूं।

कार्यक्रम में पोएट्री सोसाइटी के एच. के कॉल सहित सांसद और दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री सोमनाथ भारती, सिंधी अकादमी के अध्यक्ष जी. गेहानी, कुसुमांजलि फाउंडेशन की कुसुम अंसल, लेबर यूनियन के अध्यक्ष बादल खान एवं कला जगत से जुड़ी कई हस्तियों ने भाग लिया।

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